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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Jaunpur: पूर्व सांसद उमाकांत यादव को सजा तय

जज ने गिल्टी होल्ड रखा फैसला

 27 साल पहले सरेआम गोलियों से भूना था

जौनपुर। मछलीशहर लोकसभा के पूर्व सांसद उमाकांत यादव को 27 साल पुराने मामले में जौनपुर न्यायालय ने सजा तय की है। कोर्ट ने इस मामले में सात लोगों को आरोपी मानते हुए गिल्टी होल्ड की है। कोर्ट में आठ अगस्त को सजा सुनाई जाएगी। दरसअल, चार फरवरी 1995 को जौनपुर के शाहगंज जीआरपी लॉकअप में बंद राजकुमार यादव को छुड़ाने के दौरान सिपाही अजय सिंह की मौत हो गई थी। वहीं लल्लन सिंह और एक अन्य व्यक्ति गोली लगने से घायल हो गए थे। जौनपुर की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट नम्बर तीन ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद ये फैसला सुनाया है।

  शाहगंज जीआरपी में तैनात सिपाही रघुनाथ सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि 4 फरवरी 1995 को दोपहर लगभग 2 बजे रायफल, पिस्टल और रिवॉल्वर से लैस होकर आरोपी उमाकान्त यादव अपने सहयोगियों के साथ आ धमका। उमाकान्त ने लॉकअप में बंद राजकुमार यादव को जबरन छुड़ाने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपी अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। फायरिंग के कारण आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गयी। गोलीबारी में सिपाही अजय सिंह की मौत हो गयी। इस मामले में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दायर की। चार्जशीट में उमाकांत यादव, राजकुमार यादव, धर्मराज यादव, महेंद्र, सूबेदार और बच्चूलाल समेत सात लोगों को आरोपी बनाए गया। इस मामले में पत्रावली एमपी एमएलए कोर्ट में हस्तांतरित की गई थी। बाद में इसको हाईकोर्ट के निर्देश पर दीवानी न्यायालय जौनपुर में स्थानांतरित किया गया। सीबीसीआईडी द्वारा मुकदमे की मॉनिटरिंग की जा रही थी।

8 अगस्त को सुनाई जाएगी सजा

इस मामले में जानकारी देते हुए शासकीय अधिवक्ता लाल बहादुर पाल ने बताया कि उमाकान्त समेत सभी अन्य लोगों पर आरोप तय हो गया है। दीवानी न्यायालय की कोर्ट नम्बर 3 ने इस मामले पर गिल्टी होल्ड रख लिया है। इस मामले में 8 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यतः धारा 302 के अंतर्गत आरोप को संज्ञान में रखते हुए आरोप तय किया गया है


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