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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

दिल्ली: पकड़ी गई फर्जी दुष्कर्म पीड़िता, झूठी शिकायत कर ऐंठती थी रुपये



दिल्ली। द्वारका साउथ थाना पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है जो अपने साथियों के साथ मिलकर दुष्कर्म की झूठी शिकायत कर लोगों से उगाही करती थी। वह अलग-अलग नाम से तीन थाना इलाके में दुष्कर्म की झूठी शिकायत कर चुकी है और सेक्सटॉर्शन गिरोह की सदस्य है। पुलिस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। 22 जून को एक महिला ने द्वारका साउथ थाने में सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत की। उसने बताया कि जितेंद्र, कृष्णपाल और ड्राइवर कृष्ण ने नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है। थाना प्रभारी आशीष कुमार दुबे के नेतृत्व में पुलिस ने जांच शुरू की। शिकायतकर्ता ने एक मतदाता पहचान पत्र दिया, लेकिन पीड़िता अपना घर नहीं दिखाना चाहती थी। जांच में पाया कि महिला का पता गलत है। संदेह होने पर पुलिस ने शिकायतकर्ता के मतदाता पहचान पत्र का चुनाव आयोग से सत्यापन कराया तो वह फर्जी निकला। पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी व्यक्तियों जितेंद्र, कृष्ण पाल और चालक कृष्ण से घटना के बारे में पूछताछ की। साथ ही पुलिस ने आरोपियों का मोबाइल लोकेशन और सीडीआर की जांच की। आरोपी कभी भी शिकायतकर्ता के बताए जगह पर आए ही नहीं। वहीं शिकायतकर्ता के सीडीआर का विश्लेषण करने पर पता चला कि वह भी कभी घटना स्थल पर नहीं गई। इसके बारे में पूछने पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई।  जांच में एक नया तथ्य सामने आया कि उसने सीमापुरी थाने में अपने असली नाम से सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज करवा चुकी है। आरोपी महिला ने कुंडली, सोनीपत में भी सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज करवा चुकी है।

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