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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: श्री शिवमहापुराण कथा संपन्न, भंडारे में भक्तों ने चखा प्रसाद

लगे हर-हर महादेव के जयकारे

आजमगढ़। सिधारी स्थित श्री गौरी शंकर मंदिर में बीते 14 जुलाई से चल रहे श्री शिवमहापुराण कथा का समापन हो गया। इस अवसर पर भक्तों ने मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। भक्तों द्वारा लगाए जा रहे जयकारों से  पूरा मंदिर गूंजता रहा।  पिछले लगभग एक माह से चल रहे महाशिवपुराण कथा का समापन हवन, यज्ञ व भंडारे के साथ हुआ। प्रातः काल से कीर्तन भजनों के बीच पूरा क्षेत्र भक्ति रस में सराबोर रहा। मंदिर परिसर में चल रहे कथा में पंडित अजय भारद्वाज “पेनुलि” “बद्रीनाथ वाले” ने  शिव महापुराण के महात्म्य को समझाया।  कहा कि इस चराचर जगत के कण-कण में भगवान शिव विद्यमान हैं, इसलिए भगवान शंकर को सदा शिव के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि जो मनुष्य आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में निस्वार्थ भाव से अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं, वह निस्संदेह शिव लोक को प्राप्त होते हैं। कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजन से विश्व का कल्याण एवं क्षेत्र में खुशहाली बनी रहती है। इस अवसर पर श्रीमति कुसुम लता सिंह, बॉबी सिंह रेड़ा, श्रीमती प्रकृति सिंह, शुश्री पुन्नु सिंह रेड़ा, ने अपने पुजनीय प्रेरणास्त्रोत बाबू पुच्चा सिंह रेड़ा की स्मृति में भजन किया। इस अवसर पर  नायक यादव, विश्वजीत सिंह “अध्यक्ष”, जितेंद्र लाल अस्थाना ”मंत्री”,  ठाकुर हर्षवर्धन सिंह, रिशु सिंह राजपूत, भूमि सिंह, नीतू सिंह, श्रीमति स्नेह लता सिंह”रानी भर्तिपूर”, संत विजय, जितेंद्र भारद्वाज, नरसिंह यादव, कँवलधारी यादव आदि मौजूद थे।

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