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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: सपा विधायक रमाकांत को दलित उत्पीड़न मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट से मिली जमानत

आजमगढ़। हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मामलों में जुलाई माह से जेल में बंद सपा विधायक रमाकांत यादव को शनिवार को बड़ी राहत मिली। दलित उपीड़न के एक मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने रमाकांत यादव की जमानत मंजूर कर ली। वैसे रमाकांत यादव को अब भी जेल में ही रहना होगा। कारण कि उनके खिलाफ कई मामले विचाराधीन है जिसमें हत्या के प्रयास के मामले में निचली अदालत में जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है।

बता दें कि वर्ष 1998 के लोकसभा चुनाव के दौरान सपा प्रत्याशी रमाकांत यादव व बसपा प्रत्याशी अकबर अहमद डंपी के बीच फायरिंग हुई थी। इस मामले में दोनों पक्षों पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट अदालत में पेश कर दी थी। कोर्ट द्वारा गैर जमानती वारंट जारी करने के बाद रमाकांत यादव जुलाई माह में कोर्ट में सरेंडर कर दिए थे। इस मामले में उनकी जमानत निचली अदालत से खारिज हो चुकी है। वहीं पुलिस ने रमाकांत यादव को फरवरी 2022 में माहुल में हुए जहरीली शराब कांड में भी आरोपी बनाया है। इसके अलावा वर्ष 2004 में चुनाव के दौरान रमाकांत पर दलित के साथ मारपीट करने सहित कुल 42 मुकदमें विचाराधीन है। रमाकांत यादव के खिलाफ सरायमीर थाने में दर्ज एससी-एसटी एक्ट के मामले में उनके अधिवक्ता ने एमपी-एमएलए कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी। कोर्ट ने शनिवार को जमानत अर्जी पर सुनवाई की। सुनवाई पूरी करने के बाद विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट ओमप्रकाश वर्मा तृतीय ने सशर्त जमानत मंजूर किया। अन्य मामलों में जमानत न मिलने के कारण रमाकांत यादव को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा।

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