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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: इथियोपिया में बंधकों के परिजन डीएम से मिले, न्याय की गुहार


परिजन बोले सकुशल रिहाई कराए सरकार

आजमगढ़। इथियोपिया में फंसे अपने परिजनों को वापस वतन लाने को लेकर परिजनों ने जिले के डीएम विशाल भारद्वाज से गुहार लगाई है। आजमगढ़ जिले के तीन लोग अफ्रीकी महाद्वीप के देश इथियोपिया में नौकरी करने गए थे। जहां कंपनी ने इन लोगों द्वारा पैसा मांगने पर बंधक बना लिया है। सभी लोगों को एक कमरे में बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही इनका पासपोर्ट छीन लिया गया। बंधक बने 4 लोगों में तीन आजमगढ़ में वेलकुंडा के संजय कुमार मिश्र, चंदाभारी के राज बहादुर चौबे, जूड़ा रामपुर के संदीप सिंह और बलिया के जनऊपुर के धर्मेंद्र यादव हैं।

 संजय मिश्रा के बेटे मृत्युंजय मिश्रा का कहना है कि आज अपनी मां के साथ हम लोग डीएम से मिलकर प्रार्थना पत्र दिया है। बेटे का कहना है कि मेरे पिता को बंधक बना लिया गया है। हमारी सरकार और जिला प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द पिता की वतन वापसी कराई जाय। वहां पर पिता को बंधक बनाया गया है। और पासपोर्ट भी छीन लिया गया है। सभी को एक कमरे में बंधक बनाया गया है। वहीं इथियोपिया में बंधक राज बहादुर चौबे की बेटी और पत्नी ने भी डीएम से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है। राज बहादुर चौबे की बेटी रूपाली चौबे का कहना है कि हमारे पिता को वहां पर बंधक बना लिया गया है। हमारी सरकार और जिले के डीएम से मांग है। कि जल्द से जल्द मेरे पिता को भारत लाया जाय। वहीं बंधक संदीप सिंह के पिता विजय प्रताप सिंह का कहना है कि सरकार और प्रशासन जल्द से जल्द मेरे बेटे का भारत लाए। हम लोग बहुत घबराए हुए हैं।

बताते चलें कि आजमगढ़ के यह लोग 9 मार्च 2022 को गाजियाबाद की प्रीत मशीनरी रोलिंग मशीन की ओर से इथियोपिया भेजे गए थे। थदास स्टील ने इनका वीजा बनवाया था। ये कहा था कि इथियोपिया में एक प्रोजेक्ट शुरू करना है। तीन महीने बाद इन चारों की भारत वापसी तय हुई थी। संजय मिश्रा इस कंपनी में बतौर रोलिंग फोरमैन और बाकी तीनों लोग फिटर पद पर तैनात हुए थे। पर पैसा मांगने पर इन सभी लोगों को बंधक बनाकर पासपोर्ट छीन लिया गया है।

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