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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: नाबालिग बुआ में आई देवी, तलवार से मासूम भतीजी को मार डाला

परिवार ने बुआ को पुलिस के किया हवाले

राजस्थान। डूंगरपुर में 16 साल की बुआ ने सात साल की भतीजी की तलवार से गर्दन काटकर हत्या कर दी। घरवालों ने बताया कि घर में माता की पूजा चल रही थी। तभी आरोपी नाबालिग में देवी आ गई और उसके बाद यह घटना हुई। परिवार के लोगों ने पुलिस बुलाकर नाबालिग को सौंप दिया। वहीं पुलिस नाबालिग की काउंसलिंग के लिए मनोचि‌कित्सकों की सेवा ले रही है।

 राजस्थान के डूंगरपुर जिले में बीते सोमवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना चितरी थाना के झिंझवा फला गांव में तड़के तीन बजे की है। यहां तंत्र-मंत्र के चक्कर में फंसी सोलह साल की एक लड़की  ने अपनी सात साल की भतीजी की तलवार से गर्दन काट दी। इससे पहले उसने अपने पिता और ताऊ पर तलवार से हमला करने की कोशिश की, लेकिन बच निकले। घटना के समय कमरे में सो रही सात साल की भतीजी को वह घसीटते हुए घर के दूसरे हिस्से में ले गई और तलवार से ताबड़तोड़ वार कर गर्दन धड़ से अलग कर दी। परिवार के लोगों ने बमुश्किल से लड़की पर काबू पाया और पुलिस को बुलाकर उसके हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपित को डिटेन कर लिया। वह पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में थाने में ही तंत्र-मंत्र जैसी हरकत करने लगी। थाना प्रभारी गोविंद सिंह का कहना है कि जब वह मौके पर पहुंचे, तब घर के बाहर सात साल की बच्ची की लाश पड़ी थी। घरवालों के बताने पर लड़की को डिटेन कर लिया है। बांसवाड़ा से एफएसएल की टीम को बुलाया गया है। नाबालिग की काउंसिलिंग के लिए विशेषज्ञ की सेवाएं ली गईं।

भूत-प्रेत नहीं, भ्रम में जीते हैं ऐसे लोग

मनोचिकित्सक डॉक्टर बिंदा सिंह ने बताया कि समाज में अंधविश्वास के चलते अक्सर इस तरह की घटनाएं देखने को मिलती हैं। असल में भूत-प्रेत जैसी कोई चीज नहीं होती। अगर कोई इंसान कहे कि उसमें भूत, प्रेत या देवी आ रही है तो वह मानसिक रूप से बीमार है। ऐसे व्यक्ति भ्रम में जीते है। अधिकतर मरीज डिप्रेशन का शिकार होते हैं।

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