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खास खबर

सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

Azamgarh: अखिलेश की जातिवादी मानसिकता आई सामने, मुसलमानों से परहेज क्योंः तलहा आमिर रशादी

आजमगढ़ः सपा मुखिया अखिलेश यादव के आजमगढ़ दौरे और जेल में बंद पार्टी विधायक रमाकांत यादव से मुलाकात पर सवाल उठने लगे हैं। इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल ने अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला है। पार्टी से राष्ट्रीय प्रवक्ता तलहा आमिर रशादी ने अखिलेश से सवाल किया है कि जब पार्टी के कोई मुस्लिम नेता जेल जाता है या उसके घर पर बुलडोजर चलता है तो अखिलेश यादव उससे मिलने जेल क्यों नहीं जाते हैं। आखिर उन्हें मुसलमानों से इतना परहेज क्यों है।

 तलहा आमिर ने दावा किया कि अखिलेश यादव जातीय मानसिकता के शिकार हैं। उपचुनाव में मुसलमानों ने उन्हें जवाब दिया है और आने वाले चुनाव में भी जवाब मिलेगा। मीडिया से बात करते हुए तलहा आमिर रशादी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आज़मगढ़ जेल में जाकर शराब माफियाओं के संरक्षक, हत्या प्रयास के आरोपी विधायक रमाकांत यादव से मुलाक़ात करते हैं। यह उनकी सोच है यह उनकी समाजवादी विचारधारा हो सकती है लेकिन देश का मुसलमान जानना चाहता है कि आखिर उन्हें मुसलमानों ने इतना परहेज क्यों है। उन्हीं की पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व सांसद आजम खान ढ़ाई साल जेल में बंद रहे लेकिन अखिलेश यादव को उनसे जेल में मिलने की फुर्सत नहीं मिली। बरेली के सपा विधायक शहजिल इस्लाम जिनकी संपत्ति पे भाजपा सरकार ने बुलडोज़र से चला दिया वे उनसे मिलने जा पाते हैं और न ही अपने आज़मगढ़ के संसाद कार्यकाल में वे बिलरियागंज जाते है। जहां सरकार ने खुला तांडव किया। महिलाओं और बच्चों को पीटा गया। तमाम लोगों को जेल भेज दिया गया लेकिन जैसे ही बात अपनी जाति की आई अखिलेश यादव आजमगढ़ जेल पहुंच जाते हैं।


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