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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: मरीज रेफर करने को लेकर जिला अस्पताल के चिकित्सक पर हमला

प्राइवेट एंबुलेस कर्मी ने दिया घटना को अंजाम

जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हुई घटना से गुस्सा

आजमगढ़। जिला अस्पताल के चिकित्सक पर सोमवार की देर रात एक प्राइवेट एंबुलेंस कर्मी ने हमला कर दिया। गंभीर घायल मरीज को रेफर कराने को लेकर एंबुलेसकर्मी डॉक्टर पर दबाव बना रहे थे और उनके द्वारा ऐसा न करने पर प्राइवेट एंबुलेस कर्मियों व दलालों ने हमला कर दिया। वहीं पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार भी किया लेकिन न जाने किस दबाव में उसे देर रात छोड़ भी दिया गया।

जिला अस्पताल पर प्राइवेट एंबुलेंस पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके बाद भी अस्पताल के गेट पर इनका कब्जा रहता है। अपने चहेते अस्पतालों पर मरीजों को ले जाने व मोटे कमीशन के चक्कर में प्राइवेट एंबुलेंस चालक शासन के दिशा निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं। इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों को इनके द्वारा जबरन अपने वाहनों में लाद लिया जाता है और किसी चहेते अस्पताल पर पहुंचा दिया जाता है। अक्सर ही ये एंबुलेंस चालक आपस में ही मरीज को अपने एंबुलेंस में लादने को लेकर भिड़ जाते थे। लेकिन सोमवार की रात तो इन एंबुलेंस कर्मियों द्वारा इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर पर ही हमला कर दिया गया। डॉक्टर की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने आरोपी एंबुलेंस कर्मी को पकड़ भी लिया लेकिन देर रात ही पुलिस ने उसे छोड़ भी दिया।

प्राइवेट अस्पतालों से मिलती है मोटी कमीशन

आजमगढ़। प्राइवेट एंबुलेस कर्मियों को जिले में स्थित प्राइवेट अस्पतालों द्वारा मरीज लाने पर मोटा कमीशन दिया जाता है। एक मरीज पर तीन से चार हजार अस्पताल प्रबंधन देता है। वहीं मरीज को जिला अस्पताल से प्राइवेट अस्पताल पहुंचने के नाम पर ये प्राइवेट एंबुलेंस चालक मरीज के तीमारदारों से भी मोटी व मुंहमांगी वसूली करते हैं।

मुख्य गेट पर अक्सर लगा रहता है जमावड़ा

आजमगढ़। जिला अस्पताल के चिकित्सक  डॉ. राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल के मुख्य भवन के सामने अस्पताल परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस कर्मियों का जमावड़ा लगा रहता है। जिसके चलते अस्पताल परिसर में जाम का झाम भी लगता है और मरीज को लेकर आने वाले सरकारी एंबुलेंस भी इन प्राइवेट एंबुलेंसों के चलते इमरजेंसी गेट तक नहीं पहुंच पाती है। रात में मैं इमरजेंसी में ड्यूटी पर था। इसी दौरान प्राइवेट एंबुलेंस का दलाल जगदीप आया और डॉक्टरों को गालियां देने लगा। एक मरीज आया था, जिसे मैं देख रहा था और वह उसे रेफर करने का दबाव बनाने लगा। ऐसा करने से मना करने पर हमला कर लिया। पुलिस ने उसे पकड़ा भी लेकिन कुछ ही देर बाद छोड़ भी दिया। मैने शिकायत एसआईसी से कर दिया है।

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