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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: युवा हितों के लिए आजमगढ़ सांसद सहित सत्ता और विपक्ष के नेताओं को सौंपा पत्र

शशांक शेखर सिंह पुष्कर ने की युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग

आजमगढ़। युवाओं को रोजगार के साथ विभागों में रिक्त पदों पर नियुक्ति सहित अन्य मांगों को लेकर राष्ट्रवादी युवा अधिकार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर सिंह पुष्कर ने आजमगढ़ सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ सहित सरकार के अन्य मंत्रियों आदि को ज्ञापन सौंपा है। साथ ही उन्होंने  नौजवानों, बेरोजगारों के बुनियादी सवालों एवं उनके समाधान के लिए विचार करने के लिए प्रधानमंत्री व लोकसभा अध्यक्ष को पत्र के माध्यम से आगामी शीतकालीन सत्र में अध्यादेश लाने के लिए अनुरोध किया है। शशांक का कहना है कि जाति, धर्म, संप्रदाय के नाम पर आयोग बना, लेकिन नौजवानों के लिए न तो कोई ठोस नीति बनी, न ही नौजवानों का राष्ट्रीय स्तर पर आयोग ही बन पाया, सिर्फ राजनैतिक दलों ने नौजवानों को वोट बैंक, प्रचारतंत्र के रूप में इस्तेमाल करते हुए उनके ऊर्जा का दुरुपयोग, दोहन किया। समय की मांग है कि उनके सम्मान, स्वाभिमान की रक्षा के लिए ठोस निर्णय लिए जाए। नौजवान अब बहुत गुमराह हो चुका है। आगामी चुनाव में बगैर नौजवानों के किसी भी पार्टी का भला नहीं होने वाला, य़ह बात राजनैतिक दलों को समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं का उत्पीड़न, शोषण को रोकने एवं उनके अधिकार, सम्मान, स्वाभिमान के सरंक्षण, संवर्धन के लिए युवा आधारित नीति के तहत राष्ट्रीय युवा आयोग अथवा राष्ट्रीय युवा कल्याण आयोग के गठन किया जाए। राजनैतिक भूमिका, भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए युवा संसद के गठन, बढ़ती बेरोजगारी के समाधान के लिए कुशल व योग्य बेरोजगारों के लिए राष्ट्रीय रोजगार गारंटी जैसी ठोस एवं फलदायी कार्य योजना बनाने, परिवार में योग्यता के आधार पर परिवार में कम से कम एक सदस्य को सरकारी नौकरी अथवा स्वरोजगार की व्यवस्था, रोजगार न मिलने तक दस रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार के विभागों में रिक्त पदों को तत्काल पारदर्शी तरीके से भरने संबंधित आयोगों द्वारा आयोजित परीक्षाओं एवं परिणाम की समय सीमा निर्धारित व संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिए कानून बनाने तथा बेरोज़गारों की प्रतियोगी परीक्षाएं एवं परिवहन सुविधा निःशुल्क किया जाए। उन्होंने इसे लेकर  विपक्षी दलों एवं भाजपा सांसदों, मंत्रियों को मांग पत्र देकर आगामी शीतकालीन सत्र में प्रस्ताव लाने की मांग की है। साथ ही मंच के प्रयासों व संघर्षो को अपना समर्थन एवं प्रबल संस्तुति के लिए युवाओं के हित में सकारात्मक निर्णय लेने के लिए प्रधानमंत्री एवं लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखने का अनुरोध किया है। नौजवानों के बुनियादी सवालों एवं पीड़ा से अवगत कराते हुए कहा कि यदि समय रहते कोई ठोस कार्य योजना नहीं बनी तो योग्य नौजवान बेरोजगारी की दशा में अवसादग्रस्त होकर अपराध की तरफ  बढ़ जायेंगे जो चिंतनीय एवं गंभीर है। 


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