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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: योगी के मंच पर राजनैतिक ड्रामा, एक तरफ यशवंत ‌सिंह, दूसरी ओर दिखे अरूणकांत यादव

भाजपा की आईटीआई मैदान में आज की जनसभा बनी चर्चा का विषय

आजमगढ़। लोकसभा उपचुनाव में जीत के बाद सीएम की आजमगढ़ में पहली जनसभा में मंच पर राजनैतिक ड्रामा देखने को मिला। एक तरफ जहां छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित एमएलसी यशवंत ‌सिंह अपने पुत्र विक्रांत सिंह के साथ दिखे। वहीं दूसरी तरफ माहुल जहरीली शराब कांड सहित अन्य मामलों में जेल में बंद बाहुबली रमाकांत यादव के पुत्र ‌अरूणकांत यादव को स्वयं सीएम ने बुलाकर मंच पर बैठाया। इस ड्रामेबाजी के बीच आज भाजपा की जनसभा काफी चर्चाओं में रही।

  लोकसभा उपचुनाव के बाद पहली बार आजमगढ़ के दौरे पर आए सीएम योगी जिले को योजनाओं की सौगात देने के साथ ही कई समीकरण साधने की कोशिश की। योगी के मंच पर एक तरफ बीजेपी से निष्कासित एमएलसी यशवंत सिंह और उनके पुत्र एमएलसी विक्रांत सिंह मौजूद थे। इसी बीच सीएम की नजर वीआईपी गैलरी में बैठे सपा के बाहुबली विधायक रमाकांत यादव के पुत्र व पूर्व विधायक अरुणकांत यादव पर पड़ी तो उन्होंने अरुण को मंच पर बुलाकर बात की। इसके बाद उन्हें भी अगली पंक्ति में बैठाया। इससे उन्होंने जहां जातीय समीकरण साधने की कोशिश की वहीं यह भी बता दिया कि पार्टी में सबकुछ ठीक चल रहा है। बता दें कि बीजेपी ने पूर्व विधायक अरुणकांत यादव को निकाय एमएलसी चुनाव में आजमगढ़-मऊ सीट से लड़ाया था। उस समय एमएलसी यशवंत सिंह ने पार्टी से विद्रोह कर अपने पुत्र विक्रांत सिंह को निर्दल मैदान में उतार दिया था। इसके बाद 04 अप्रैल 2022 को यशवंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया गया था। चुनाव में अरुणकांत को हार का सामना करना पड़ा था। विक्रांत सिंह चुनाव जीतने में सफल रहे थे। इसके बाद बीजेपी पर यह आरोप लग रहा था कि पार्टी ने जानबूझकर विक्रांत को जीतने का अवसर प्रदान किया जिसके कारण अरुणकांत हार गए। चुनाव के बाद अरुणकांत यादव पार्टी से नाराज भी माने जा रहे थे। इसी बीच अरुणकांत के पिता का नाम माहुल जहरीली शराब कांड और मतगणना के दौरान सरकारी कर्मचारी से लैपटाप छीनने की घटना में आ गया। हत्या के प्रयास में जेल में बंद रमाकांत यादव की मुश्किल इससे बढ़ गई है। माना जा रहा है कि उनके लिए जेल से निकलना आसान नहीं होगा। वहीं अन्य आरोपियों की तरह रमाकांत यादव पर एनएसए लगाने की चर्चा जोरो पर है। ऐसे में माना जा रहा था कि शायद अरुणकांत सीएम के कार्यक्रम से दूरी बना लें। लेकिन अरुणकांत यादव पूरे लाव लस्कर के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।

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