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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: मुख्तार के करीबियों से ईडी आज से करेगी पूछताछ

जीजा तन्नू अंसारी को भेजा पहला नोटिस

उसके ठिकाने पर 12 घंटे चली थी छापामारी

लखनऊ। माफिया मुख्तार अंसारी के करीबियों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। मुख्तार के जिन करीबियों के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापामारी की थी। उनसे सोमवार यानी आज से ईडी के जोनल कार्यालय में जवाब तलब होंगे। सबसे पहले मुख्तार के जीजा तन्नू अंसारी को नोटिस जारी हुआ है।

 तन्नू के डालीबाग के घर पर ईडी की टीम ने करीब 12 घंटे तक छानबीन की थी। सोर्स के मुताबिक ईडी के हाथ ऐसे दस्तावेज लगे हैं, जिनकी मदद से लखनऊ के कुछ बिल्डर भी इस जांच के दायरे में आ सकते हैं। गाजीपुर के विक्रम अग्रहरि, गणेश मिश्रा, खान बस सर्विस के संचालक को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इसके अलावा मुख्तार और उनके परिवार के सदस्यों की कंपनियों के डायरेक्टर्स से भी पूछताछ होनी है। इनमें विकास कंस्ट्रक्शन, अंसारी कंस्ट्रक्शन एंड इंटरप्राइजेस, ग्लोरीज लैंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड आदि शामिल हैं। मुख्तार अंसारी के 11 ठिकानों पर 12 घंटे छापेमारी चली थी। ED ने मछली कारोबार, अवैध जमीन और रेलवे ठेकों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए थे। पिछले हफ्ते ईडी ने मुख्तार के करीबियों के ठिकानों पर छापामारी की। 100 से ज्यादा संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए। इनके बेनामी होने की आशंका में संपत्ति के मालिकों को नोटिस जारी हो रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, लखनऊ के इन बिल्डर्स को मुख्तार का संरक्षण मिला हुआ था। उनकी बेशकीमती संपत्तियों में मुख्तार की हिस्सेदारी रहती थी।गाजीपुर में 18 अगस्त को मुख्तार अंसारी के सहयोगियों और परिजनों के घर पर ईडी ने छापामारी की। सुरक्षा के लिए CRPF तैनात की गई। इसमें अफजाल अंसारी, गणेश दत्त मिश्रा, विक्रम अग्रहरी और मुश्ताक खान के यहां एक साथ टीम पहुंची थीं। प्रॉपर्टी डीलर गणेश दत्त मिश्रा ने बयान जारी किया। कहा,"मेरा संबंध मुख्तार अंसारी से नहीं, बल्कि अखिलेश यादव से है। उन्होंने एक बार नहीं कहा कि मेरे आदमी पर कार्रवाई क्यों हो रही है?" गणेश दत्त ने बताया,"इस कार्रवाई में ईडी ने एक प्रॉपर्टी का पेपर जो डाली बाग में मेरे द्वारा खरीदा गया था। उसे कुछ सालों के बाद बेच भी दिया गया है। उसे अपने साथ ले गई हैं। इसके अलावा उन्हें और कुछ नहीं मिला है। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि ये कार्रवाई दिल्ली से एक सांसद करवा रहा है। जो 2024 का चुनाव गाजीपुर से लड़ने वाले हैं।" उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि मुझे और मेरे व्यवसाय को कमजोर करने के लिए इस तरह की कार्रवाई कराई जा रही है।

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