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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: पारसनाथ सिंह हत्याकांडः चार आरोपियों को आजीवन कारावास

50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, वर्ष 2005 में हुई थी हत्या

आजमगढ़। हत्या के मुकदमें में सुनवाई पूरी होने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट नंबर-2 सौरभ कुमार सक्सेना की अदालत ने शनिवार को चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत द्वारा प्रत्येक आरोपी पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। मुकदमें के अनुसार वादी मुकदमा राम नारायन सिंह पुत्र स्वामीनाथ सिंह निवासी ग्राम सेवराकुंड थाना जीयनपुर का आरोप था कि 6 नवंबर 2005 की रात आठ बजे रामायण पाठ में शामिल होने के लिए वह अपने चाचा पारसनाथ तथा मैंना देवी के साथ गांव के हनुमान मंदिर पर जा रहे थे। तभी प्रधानी चुनाव की रंजिश को लेकर पहले से ही घात लगाकर बैठे गांव के ही वीर सिंह पुत्र रामशब्द, डमलू पुत्र सोधई, उमेश पुत्र अनुज तथा हेमंत उर्फ बबलू पुत्र रामचरण ने उन्हें घेर लिया। पारसनाथ को देखते ही डमलू ने ललकारा कि आज इसे छोड़ना नहीं है। तब हेमंत और उमेश ने पारसनाथ को पकड़ लिया और वीर सिंह ने नजदीक से पारसनाथ को गोली मार दी, जिससे मौके पर ही पारसनाथ की मौत हो गई । इस मामले में जीयनपुर कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच पूरी करने के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अभय दत्त गोंड ने वादी मुकदमा रामनारायन, मैंना देवी, कैलाश सिंह, कांस्टेबल राम इकबाल, विवेचक कमलेश कुमार सिंह, डा. आरएस त्रिवेदी उपनिरीक्षक रामेश्वर पांडेय तथा हेड कांस्टेबल आर निर्भय नारायण चौबे को बतौर गवाह न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी डमलू, उमेश, वीर सिंह तथा हेमंत को आजीवन सश्रम कारावास तथा प्रत्येक को पचास हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।


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