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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: पारसनाथ सिंह हत्याकांडः चार आरोपियों को आजीवन कारावास

50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, वर्ष 2005 में हुई थी हत्या

आजमगढ़। हत्या के मुकदमें में सुनवाई पूरी होने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट नंबर-2 सौरभ कुमार सक्सेना की अदालत ने शनिवार को चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत द्वारा प्रत्येक आरोपी पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। मुकदमें के अनुसार वादी मुकदमा राम नारायन सिंह पुत्र स्वामीनाथ सिंह निवासी ग्राम सेवराकुंड थाना जीयनपुर का आरोप था कि 6 नवंबर 2005 की रात आठ बजे रामायण पाठ में शामिल होने के लिए वह अपने चाचा पारसनाथ तथा मैंना देवी के साथ गांव के हनुमान मंदिर पर जा रहे थे। तभी प्रधानी चुनाव की रंजिश को लेकर पहले से ही घात लगाकर बैठे गांव के ही वीर सिंह पुत्र रामशब्द, डमलू पुत्र सोधई, उमेश पुत्र अनुज तथा हेमंत उर्फ बबलू पुत्र रामचरण ने उन्हें घेर लिया। पारसनाथ को देखते ही डमलू ने ललकारा कि आज इसे छोड़ना नहीं है। तब हेमंत और उमेश ने पारसनाथ को पकड़ लिया और वीर सिंह ने नजदीक से पारसनाथ को गोली मार दी, जिससे मौके पर ही पारसनाथ की मौत हो गई । इस मामले में जीयनपुर कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच पूरी करने के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अभय दत्त गोंड ने वादी मुकदमा रामनारायन, मैंना देवी, कैलाश सिंह, कांस्टेबल राम इकबाल, विवेचक कमलेश कुमार सिंह, डा. आरएस त्रिवेदी उपनिरीक्षक रामेश्वर पांडेय तथा हेड कांस्टेबल आर निर्भय नारायण चौबे को बतौर गवाह न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी डमलू, उमेश, वीर सिंह तथा हेमंत को आजीवन सश्रम कारावास तथा प्रत्येक को पचास हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।


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