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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: प्रो. जूही शुक्ला श्री अग्रसेन महिला महाविद्यालय आजमगढ़ की नई प्राचार्य

प्रयागराज। प्रयागराज की वरिष्ठ चित्रकार प्रो. जूही शुक्ला ने श्री अग्रसेन महिला महाविद्यालय आज़मगढ़ में प्राचार्य पद पर ज्वाइन किया है। प्रो. जूही अभी तक प्रयाग महिला विद्यापीठ में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर पिछले कई दशक से अध्यापन का अनुभव है।

प्रो. जूही शुक्ला का चयन सितंबर माह में उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग द्वारा किया गया था। आनलाइन काउंसिलिंग में उन्हें यह कॉलेज आवंटित किया गया है। प्रोफेसर जूही का चयन उनके पूर्व महाविद्यालय प्रयाग महिला विद्यापीठ डिग्री कालेज प्रयागराज द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र के अभाव में औपबंधिक था। अब उन्हें कॉलेज प्रबंन ने अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया है। प्रो. जूही शुक्ला ने बताया कि उनकी प्राथमिकता कालेज में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना है। कॉलेज में पठन-पाठन का माहौल ठीक करना है। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से विद्यानिवासी मिश्र पुरस्कार से 2013 में नवाजा गया है। 2020 में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की ओर से चित्रकला के मूलाधार पुस्तक के लिए यह पुरस्कार मिला है। केंद्रीय हिंदी निदेशालय की ओर से धर्म संस्कृति और कला पुस्तक के लिए पुरस्कार मिला है। प्रो. जूही शुक्ला की अब तक 27 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैंं। प्रो. जूही शुक्ला प्रयाग महिला विद्यापीठ में करीब ढाई साल तक कार्यवाहक प्राचार्य की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।

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