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सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

Azamgarh: प्रो. जूही शुक्ला श्री अग्रसेन महिला महाविद्यालय आजमगढ़ की नई प्राचार्य

प्रयागराज। प्रयागराज की वरिष्ठ चित्रकार प्रो. जूही शुक्ला ने श्री अग्रसेन महिला महाविद्यालय आज़मगढ़ में प्राचार्य पद पर ज्वाइन किया है। प्रो. जूही अभी तक प्रयाग महिला विद्यापीठ में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर पिछले कई दशक से अध्यापन का अनुभव है।

प्रो. जूही शुक्ला का चयन सितंबर माह में उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग द्वारा किया गया था। आनलाइन काउंसिलिंग में उन्हें यह कॉलेज आवंटित किया गया है। प्रोफेसर जूही का चयन उनके पूर्व महाविद्यालय प्रयाग महिला विद्यापीठ डिग्री कालेज प्रयागराज द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र के अभाव में औपबंधिक था। अब उन्हें कॉलेज प्रबंन ने अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया है। प्रो. जूही शुक्ला ने बताया कि उनकी प्राथमिकता कालेज में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना है। कॉलेज में पठन-पाठन का माहौल ठीक करना है। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से विद्यानिवासी मिश्र पुरस्कार से 2013 में नवाजा गया है। 2020 में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की ओर से चित्रकला के मूलाधार पुस्तक के लिए यह पुरस्कार मिला है। केंद्रीय हिंदी निदेशालय की ओर से धर्म संस्कृति और कला पुस्तक के लिए पुरस्कार मिला है। प्रो. जूही शुक्ला की अब तक 27 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैंं। प्रो. जूही शुक्ला प्रयाग महिला विद्यापीठ में करीब ढाई साल तक कार्यवाहक प्राचार्य की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।

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