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ई-रिक्शा चालकों की मनमानी, क्षमता से अधिक बैठा रहे सवारी, हादसे का बढ़ा खतरा

 ई-रिक्शा चालकों की मनमानी, क्षमता से अधिक बैठा रहे सवारी, हादसे का बढ़ा खतरा रानी की सराय। सुगम यातायात में बाधक बन रहे ई-रिक्शा, यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बनने लगे हैं। क्षमता से अधिक सवारी बैठा तेज रफ्तार से चल रहे हैं। आए दिन ई-रिक्शा के पलटने पर यात्रियों के घायल होने की घटनाएं हो रही हैं। लेकिन पुलिस और यातायात विभाग पर इन पर कार्रवाई को लेकर उदासीन बना है।   शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में ई-रिक्शा का संचालन होता है। नियमों को धता बताते हुए अधिकांश ई-रिक्शा क्षमता से अधिक यात्रियों को ढो रहे हैं।  रानी की सराय में यातायात नियमों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। कस्बा में  एक ई-रिक्शा चालक ने सीमा से अधिक सवारियां बैठाई। जिसमें लगभग 11 सवारियां अंदर बैठी हैं।   ई-रिक्शा चालकों द्वारा नियमों की अवहेलना से सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ रहा है। ई-रिक्शा चालक क्षमता से अधिक सवारियां और सामान ले जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि चालक रिक्शा की छत पर भी यात्रियों को बैठा रहे हैं। यह कार्य न केवल कानून के विरुद्ध है, बल्कि यात्रियों की जान को भ...

Azamgarh: प्रो. जूही शुक्ला श्री अग्रसेन महिला महाविद्यालय आजमगढ़ की नई प्राचार्य

प्रयागराज। प्रयागराज की वरिष्ठ चित्रकार प्रो. जूही शुक्ला ने श्री अग्रसेन महिला महाविद्यालय आज़मगढ़ में प्राचार्य पद पर ज्वाइन किया है। प्रो. जूही अभी तक प्रयाग महिला विद्यापीठ में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर पिछले कई दशक से अध्यापन का अनुभव है।

प्रो. जूही शुक्ला का चयन सितंबर माह में उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग द्वारा किया गया था। आनलाइन काउंसिलिंग में उन्हें यह कॉलेज आवंटित किया गया है। प्रोफेसर जूही का चयन उनके पूर्व महाविद्यालय प्रयाग महिला विद्यापीठ डिग्री कालेज प्रयागराज द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र के अभाव में औपबंधिक था। अब उन्हें कॉलेज प्रबंन ने अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया है। प्रो. जूही शुक्ला ने बताया कि उनकी प्राथमिकता कालेज में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना है। कॉलेज में पठन-पाठन का माहौल ठीक करना है। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से विद्यानिवासी मिश्र पुरस्कार से 2013 में नवाजा गया है। 2020 में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की ओर से चित्रकला के मूलाधार पुस्तक के लिए यह पुरस्कार मिला है। केंद्रीय हिंदी निदेशालय की ओर से धर्म संस्कृति और कला पुस्तक के लिए पुरस्कार मिला है। प्रो. जूही शुक्ला की अब तक 27 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैंं। प्रो. जूही शुक्ला प्रयाग महिला विद्यापीठ में करीब ढाई साल तक कार्यवाहक प्राचार्य की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।