सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

पुलिस हिरासत में मौत मामले में ऐतिहासिक फैसला

पुलिस हिरासत में मौत मामले में ऐतिहासिक फैसला - तत्कालीन थानाध्यक्ष को आजीवन कारावास आजमगढ़। पुलिस हिरासत में हुई मौत के एक पुराने मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय ने बुधवार को आरोपी जे.के. सिंह को दोषी ठहराते हुए एक लाख पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।   अभियोजन के अनुसार, वादी जितेंद्र यादव निवासी दौलतपुर थाना मेंहनगर के पिता हरिलाल यादव को 29 मार्च 2003 को रानी की सराय थाना पुलिस ने बैटरी चोरी के आरोप में हिरासत में लिया था। उसी रात जानकारी मिलने पर जितेंद्र यादव अपने रिश्तेदार रामवचन यादव के साथ थाने पहुंचा। आरोप है कि पूछताछ के दौरान तत्कालीन थानाध्यक्ष जे.के. सिंह के उकसाने पर दरोगा नरेंद्र बहादुर सिंह ने हरिलाल यादव को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल हरिलाल यादव को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। घटना के समय जितेंद्र यादव और रामवचन यादव को भी हवालात में बंद कर दिया गया था। अगले दिन 30 मार्च 2003 को कोतवाली में जितेंद्र यादव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गय...

UP-Desk: औरंगजेब के जमाने का है लखनऊ का सिद्धनाथ शिव मंदिर

सावन और शिवरात्रि पर लगता है भव्‍य मेला

शासन से ‌मंजूरी मिलने के बाद होगा मंदिर का कायाकल्प

पैकपेड के जेई ने किया मंदिर का निरीक्षण, ग्रामीणों में हर्ष

लखनऊ। दुबग्गा में सैथा गांव के मजरा मुन्ना लाल खेड़ा में स्थित प्राचीन सिद्ध नाथ बड़ा शिवाला को पर्यटन व संस्कृति विभाग जीर्णोद्धार कर संवारेगा। यह मंदिर कितना पुराना है। इसके बारे में किसी को भी सही जानकारी नहीं है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यह औरंगजेब के जमाने का है। वहीं कुछ ग्रामीणों ने बताया कि यह 300 वर्ष से अधिक पुराना मंदिर है। सालों से उपेक्षित रहे इस मंदिर के जीर्णोद्धार की मंजूरी शासन से मिल गई है। बुधवार को पैकपेड के जेई ने मंदिर का निरीक्षण किया, इससे ग्रामीणों में खुशी है। 

यह मंदिर बारादरी की छत पर बना हुआ है। मंदिर के ग्राउंड फ्लोर पर बारादरी बनी हुई है। जिसमें मेला के अवसर पर आने वाले भक्तों को ठहरने की व्यवस्था है। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर का निर्माण बिना सीमेंट के हुआ है। मंदिर लाखौरी ईंटों से बना है। मंदिर के अंदरूनी दीवारों व छत में नक्काशी है। बाहरी दीवारों पर दक्षिण भारत मंदिरों की तरह डिजाइन बनी है। मंदिर में शिव लिंग व नंदी स्थापित हैं। मंदिर के देखरेख को श्री सिद्ध नाथ मंदिर समिति बनी है। समिति के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि मंदिर में शिव रात्रि पर आयोजित भव्य मेले के अलावा सावन में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। बताया कि प्राचीन मंदिर के संरक्षण के लिए बहुत प्रयास किया गया है। अब जाकर शासन से मंजूरी मिल गई है। ग्रामीणों में खुशी है कि अब प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार होगा। बुधवार को पर्यटन विभाग के निर्देश पर पैकफेड के जेई अजय पाल ने मंदिर परिसर को देखा। मंदिर के पुजारी बाबू लाल ने बताया कि यह मंदिर सिद्ध है। भक्तगण सावन में पूजा अर्चना के लिए आते हैं।

सर्वाधिक पढ़ीं गईं