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खास खबर

घूस लेते लेखपाल का वीडियो वायरल

कैंसर पीड़ित से 50 हजार वसूलने का आरोप आजमगढ़। मार्टीनगंज तहसील में तैनात एक लेखपाल का घूस लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले में पीड़ित ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि यह मामला क्षेत्र के दुबरा गांव का है। गांव निवासी कैंसर पीड़ित सदरुद्दीन ने आरोप लगाया है कि जमीन का पट्टा दिलाने के नाम पर लेखपाल ने उससे कई किस्तों में करीब 50 हजार रुपये वसूल लिए, लेकिन अब तक पट्टा नहीं किया गया। हाल ही में लेखपाल द्वारा घूस लेते हुए एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित सदरुद्दीन ने बुधवार को जिलाधिकारी से मिलकर मामले की शिकायत की और न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि बीमारी की हालत में भी उनसे पैसे लिए गए, लेकिन काम नहीं किया गया। गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी तहसील में तैनात कानूनगो जयप्रकाश को एंटी करप्शन टीम ने पांच हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, जिससे तहसील में भ्रष्टाचार के आरोपों को और बल मिल रहा है। इस संबंध में एसडीएम दिव्या सिकरवार ने बताया कि मामल...

UP-Desk: औरंगजेब के जमाने का है लखनऊ का सिद्धनाथ शिव मंदिर

सावन और शिवरात्रि पर लगता है भव्‍य मेला

शासन से ‌मंजूरी मिलने के बाद होगा मंदिर का कायाकल्प

पैकपेड के जेई ने किया मंदिर का निरीक्षण, ग्रामीणों में हर्ष

लखनऊ। दुबग्गा में सैथा गांव के मजरा मुन्ना लाल खेड़ा में स्थित प्राचीन सिद्ध नाथ बड़ा शिवाला को पर्यटन व संस्कृति विभाग जीर्णोद्धार कर संवारेगा। यह मंदिर कितना पुराना है। इसके बारे में किसी को भी सही जानकारी नहीं है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यह औरंगजेब के जमाने का है। वहीं कुछ ग्रामीणों ने बताया कि यह 300 वर्ष से अधिक पुराना मंदिर है। सालों से उपेक्षित रहे इस मंदिर के जीर्णोद्धार की मंजूरी शासन से मिल गई है। बुधवार को पैकपेड के जेई ने मंदिर का निरीक्षण किया, इससे ग्रामीणों में खुशी है। 

यह मंदिर बारादरी की छत पर बना हुआ है। मंदिर के ग्राउंड फ्लोर पर बारादरी बनी हुई है। जिसमें मेला के अवसर पर आने वाले भक्तों को ठहरने की व्यवस्था है। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर का निर्माण बिना सीमेंट के हुआ है। मंदिर लाखौरी ईंटों से बना है। मंदिर के अंदरूनी दीवारों व छत में नक्काशी है। बाहरी दीवारों पर दक्षिण भारत मंदिरों की तरह डिजाइन बनी है। मंदिर में शिव लिंग व नंदी स्थापित हैं। मंदिर के देखरेख को श्री सिद्ध नाथ मंदिर समिति बनी है। समिति के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि मंदिर में शिव रात्रि पर आयोजित भव्य मेले के अलावा सावन में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। बताया कि प्राचीन मंदिर के संरक्षण के लिए बहुत प्रयास किया गया है। अब जाकर शासन से मंजूरी मिल गई है। ग्रामीणों में खुशी है कि अब प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार होगा। बुधवार को पर्यटन विभाग के निर्देश पर पैकफेड के जेई अजय पाल ने मंदिर परिसर को देखा। मंदिर के पुजारी बाबू लाल ने बताया कि यह मंदिर सिद्ध है। भक्तगण सावन में पूजा अर्चना के लिए आते हैं।

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