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ऑपरेशन में आठ घंटे की देरी का आरोप, गर्भ में नवजात की मौत

निजी अस्पताल में परिजनों ने किया हंगामा पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव आजमगढ़। रानी की सराय थाना क्षेत्र के महमूदपुर गांव के पास लखनऊ-बलिया हाईवे किनारे स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान गर्भस्थ नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर ऑपरेशन में करीब आठ घंटे की देरी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए मंगलवार रात हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। पीड़ित की तहरीर पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। रानी की सराय थाना क्षेत्र के सेठवल निवासी राजनारायण जायसवाल ने बताया कि वह पिछले एक साल से अपनी पत्नी शालिनी जायसवाल का इसी अस्पताल में इलाज करा रहे थे। मंगलवार सुबह करीब सात बजे उन्होंने पत्नी को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। आरोप है कि दोपहर 12 बजे तक अस्पतालकर्मी सामान्य प्रसव होने का आश्वासन देते रहे। इसके बाद करीब 12:30 बजे ऑपरेशन के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए और 10 हजार रुपये जमा कराए गए। परिजनों का आरोप है कि सहमति लेने के करीब आठ घंटे बाद रात पौने नौ बजे ऑपरेशन किया गया। तब तक गर्भ में ही नवजात की मौत हो चुकी थी। इसकी जानक...

UP Desk : नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को कोर्ट ने सुनाई 14 वर्ष की सजा

55 हजार का जुर्माना, 2019 में दर्ज हुआ था मुकदमा

यूपी डेस्क (पूसं)। भदोही में अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने योगेश यादव को नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी ठहराए गए योगेश यादव 14 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 55 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। 2019 में भदोही थाना में नाबालिग के परिजन मुकदमा दर्ज कराया था। भदोही थाना में 17जनवरी 2019 को नाबालिग लड़की के परिजन ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया गया था कि नाबालिग को बहला-फुसलाकर कमरे में ले जाकर अभियुक्त ने दुष्कर्म किया। मामले में पुलिस ने धारा 376, 506 और पास्को एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने विवेचनात्मक कार्यवाही करते हुए आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया था।  स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और विशेष लोक अभियोजन डॉ. अश्विनी कुमार मिश्रा की पैरवी पर शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अभियुक्त योगेश यादव को नाबालिग के साथ दुष्कर्म के अपराध का दोषी करार दिया और 14 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 55 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

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