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खास खबर

24 घंटे की तलाश के बाद 10 वर्षीय वैभव का शव पड़ोसी के बेसमेंट से बरामद, हत्या का आरोप

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पड़ोसी हिरासत में पूछताछ में हत्या की बात कबूल, कस्बे में शोक और आक्रोश गोरखपुर। खजनी कस्बे में सर्राफा कारोबारी के 10 वर्षीय पौत्र वैभव वर्मा की अपहरण के बाद हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 24 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने पड़ोसी सर्वेश भट्ट को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी के बयान के आधार पर उसके घर के बेसमेंट से वैभव का शव बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर स्कूल से घर लौटने के बाद वैभव साइकिल लेकर खेलने निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। कुछ देर बाद उसकी साइकिल और एक चप्पल खेत के पास मिली, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में पांच टीमें गठित की गईं। डॉग स्क्वॉयड, फॉरेंसिक टीम और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। सीसीटीवी फुटेज में वैभव के पीछे पड़ोसी सर्वेश भट्ट जाता दिखाई दिया। इसी आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की और उसकी निशानदेही पर ...

UP Desk : नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को कोर्ट ने सुनाई 14 वर्ष की सजा

55 हजार का जुर्माना, 2019 में दर्ज हुआ था मुकदमा

यूपी डेस्क (पूसं)। भदोही में अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने योगेश यादव को नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी ठहराए गए योगेश यादव 14 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 55 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। 2019 में भदोही थाना में नाबालिग के परिजन मुकदमा दर्ज कराया था। भदोही थाना में 17जनवरी 2019 को नाबालिग लड़की के परिजन ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया गया था कि नाबालिग को बहला-फुसलाकर कमरे में ले जाकर अभियुक्त ने दुष्कर्म किया। मामले में पुलिस ने धारा 376, 506 और पास्को एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने विवेचनात्मक कार्यवाही करते हुए आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया था।  स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और विशेष लोक अभियोजन डॉ. अश्विनी कुमार मिश्रा की पैरवी पर शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अभियुक्त योगेश यादव को नाबालिग के साथ दुष्कर्म के अपराध का दोषी करार दिया और 14 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 55 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

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