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सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

UP Desk : नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को कोर्ट ने सुनाई 14 वर्ष की सजा

55 हजार का जुर्माना, 2019 में दर्ज हुआ था मुकदमा

यूपी डेस्क (पूसं)। भदोही में अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने योगेश यादव को नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी ठहराए गए योगेश यादव 14 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 55 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। 2019 में भदोही थाना में नाबालिग के परिजन मुकदमा दर्ज कराया था। भदोही थाना में 17जनवरी 2019 को नाबालिग लड़की के परिजन ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया गया था कि नाबालिग को बहला-फुसलाकर कमरे में ले जाकर अभियुक्त ने दुष्कर्म किया। मामले में पुलिस ने धारा 376, 506 और पास्को एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने विवेचनात्मक कार्यवाही करते हुए आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया था।  स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और विशेष लोक अभियोजन डॉ. अश्विनी कुमार मिश्रा की पैरवी पर शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अभियुक्त योगेश यादव को नाबालिग के साथ दुष्कर्म के अपराध का दोषी करार दिया और 14 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 55 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

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