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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Phulpur:चांद नमूदार होते ही मजलिसों का दौर शुरू, सजे अजाखाने

इमाम हुसैन इंसानियत का नामः मौलाना शकील फराज

फूलपुर, आजमगढ़ (पूसं)। कस्बा और ग्रामीण इलाकों में मोहर्रम का चांद नमूदार होते मजलिसों का दौर शुरू हो गया है। अज़ाखाने सजा दिए गए है। इमामबारगहों में अजादारों ने नौहा मातम पेश कर करबला में शहीद इमाम हुसैन को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। मेजवा गांव में आयोजित मजलिस में मौलाना शकील फ़राज़ ने कहा कि इमाम हुसैन इंसानियत का नाम है, उन्होंने अपनी अजीम कुर्बानी देकर इस्लाम को बचाया। जनाबे जैनब ने ही पूरी दुनिया को बताया कि करबला में इमाम हुसैन के कुरबानी देने का मकसद क्या था। मौलाना शकील फ़राज़ ने कहा कि इमाम हुसैन सिर्फ 72 साथियों की फौज लेकर इंसानियत को बचाने के लिए करबला के मैदान में उतरे और तीन लाख की फौज का मुकाबला किए। यहां तक कि यज़ीदी फौजों ने नहरे फोरात पर कब्ज़ा कर लिया था। जिसके चलते लोग पानी को तरस गए। मजलिस में लोग गम का प्रतीक काला लिबास पहन कर आए थे। इसी क्रम में चमावा, दसमड़ा, शाहजेरपुर, माहुल, अंबारी में चांद रात में मजलिसे आयोजित की गई।

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