सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Devshayani Ekadashi 2022: देवशयनी एकादशी पर बन रहा विशेष संयोग, इस शुभ मुहूर्त में ऐसे करें विष्णु जी की पूजा


Devshayani ekadashi 2022 आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु 4 माह के लिए योग निद्रा में चल जाते हैं। जानिए देवशयनी एकादशी का शुभ मुहूर्त पूजा विधि और शयन मंत्र। पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी के नाम से जानते हैं। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी से ही भगवान विष्णु अगले चार मास के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इसी कारण इस एकादशी को हरिशयनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा इस एकादशी को आषाढ़ी एकादशी, पद्मनाभा एकादशी के नाम से भी जानते है। देवशयनी एकादशी का काफी अधिक महत्व है। क्योंकि इसके साथ ही भगवान विष्णु अगले चार मास के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं और भगवान शिव सृष्टि का संचालन करते हैं और मांगलिक कार्यों की मनाही हो जाती है। जानिए देवशयनी एकादशी का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मंत्र।


देवशयनी एकादशी का शुभ मुहूर्त

देवशयनी एकादशी की तिथि- 10 जुलाई 2022

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी प्रारंभ- 9 जुलाई शाम 4 बजकर 39 मिनट से

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का समापन- 10 जुलाई दोपहर 2 बजकर 13 मिनट तक

अनुराधा नक्षत्र- 10 जुलाई सुबह 9 बजकर 55 मिनट से 11 जुलाई सुबह 07 बजकर 50 मिनट तक

Bhadli Navami 2022: भड़ली नवमी आज, विवाह, खरीदारी और गृह प्रवेश के लिए बन रहा अबूझ मुहूर्त यह भी पढ़ें


शुभ योग - 10 जुलाई सुबह 4 बजकर 2 मिनट से 11 जुलाई सुबह 12 बजकर 45 मिनट तक।

पारण का समय- 11 जुलाई सुबह 5 बजकर 52 मिनट से 11 जुलाई सुबह 8 बजकर 32 मिनट पर।

देवशयनी एकादशी की पूजा विधि एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधिवत तरीके से पूजा की जाती है।देवशयनी एकादशी पर ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कामों ने निवृत्त होकर स्नान आदि कर लें।भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।अब भगवान विष्णु की पूजा आरंभ करें।पहले थोड़ा सा जल छिड़ककर भगवान को फूल, माला, पीला चंदन, रोली, अक्षत चढ़ाने दें।अब भोग लगाने के साथ तुलसी दल चढ़ा दें।फिर जल चढ़ाने के साथ दीपक-धूप जला दें।विष्णु चालीसा के साथ सहस्त्रनाम का पाठ कर लें।अंत में विधिवत आरती कर लें।

भगवान विष्णु जी को सुलाते समय करें इन मंत्र का उच्चारण

सुप्ते त्वयि जगन्नाथ जगत सुप्तं भवेदिदम।

विबुद्धे त्वयि बुध्येत जगत सर्वं चराचरम।'

सर्वाधिक पढ़ीं गईं