सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Bareilly: बंदरों का हमला, छत पर टहल रहे पिता से चार माह के मासूम काे छीनकर फेंका नीचे

                              घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

बरेली। बरेली में बंदरों के आतंक का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां चार माह के मासूम को गोद में लेकर छत पर टहला रहे एक व्यक्ति पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। जिसके बाद एक बंदर ने उनकी गोद से मासूम को छीन कर तीन मंजिल की छत से नीचे फेंक दिया। जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। बरेली में घटित हुआ ये मामला शुक्रवार की शाम की है। घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
मामला दुनका गांव का है।जहां रहने वाले किसान निर्देश उपाध्याय अधिक गर्मी होने के कारण अपने चार माह के बेटे को गोद में लेकर छत गए थे। जहां वह उसे रोज की भांति शुक्रवार को भी टहला रहे थे। शाम करीब आठ बजे वह बेटे व पत्नी स्वाती के साथ टहल रहे थे। तभी अचानक बंदरों का झुंड छत पर आया तो उन्होंने आवाज लगाकर भगाने का प्रयास किया। इतने में कुछ बंदरों ने स्वाती पर झपट्टा मारा, वह बचकर नीचे भाग गईं। यहां कुछ बंदरों ने निर्देश को घेर लिया था। जब तक वह कुछ समझ पाते तब तक बंदरों ने उन पर हमला बोल दिया। बंदरों ने उन्हें कई जगह काटा। इसलिए वह भी सीढ़ियों की तरफ भाग रहे थे। इधर हमले से हड़बड़ाए निर्देश की गोद से उनका बेटा छिटक रहा था। इतने में बंदर ने उसे झपटकर उछाल दिया। कुछ ही पलाें में निर्देश और स्वाती की दुनिया उजड़ गई। उनका बेटा हमेशा के लिए दुनिया से चला गया। क्षेत्रवासियों ने बताया कि सुबह भी बंदरों ने गौरव की बेटी अंजनि, मुनीष की छह वर्षीय बेटी सृष्टि को काट लिया था। गाैरतलब है कि बरेली में इससे पहले भी घटनाएं कई घट चुकी है।

                                    बंदर छीन ले गया कलेजे का टुकड़ा

बरेली। चार माह के मासूम बेटे को खोने के बाद बड़ा मंदिर मुहल्ला निवासी निर्देश बात करते ही फफक पड़ते है।बेटे की मौत पर मन की टीस साझा करते हुए कहते है बंदर छीन ले गया मुझसे कलेजा का टुकड़ा और मैं कुछ न कर सका।इसके बाद वह खामोश हो जाते है।
वह बताते है कि शाम का खाना बनाने के बाद स्वाती रोज कहती थी कि गर्मी अधिक हो रही, इसलिए बेटे को छत पर घुमा लाएं। हवा के बीच पहुंचने के बाद उस मासूम के चेहरे की मुस्कुराहट हम दोनों की सुकून देती थी,अब वो चेहरा कभी देखने को नहीं मिल सकेगा...। रोते-रोते उन्होंने यह सब बताया, फिर खुद को संभाला। मन की टीस साझा करने लगे। वो तो मेरी गोद में खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा था। बंदरों का झुंड हमलावर हुआ तो प्रयास कर रहा था किसी तरह बचकर सीढ़ियों तक पहुंचा जाऊं। इस बीच स्वाती को आवाज लगा दी कि वह तुरंत नीचे चली जाएं। उन्होंने ऐसा कर भी लिया मगर, हड़बड़ी के बीच बेटा मेरी गोद से छिटकने लगा था। बंदरों ने मेरी गोद से मेरे कलेजे का टुकड़ा छीन लिया और मैं कुछ कर नहीं सका। इसके बाद उनके भरे हुए गले से शब्द नहीं निकल सके। चेहरा नीचे डालकर कमरे की ओर गए और ऊपर की ओर निहारने लगे। मानो ईश्वर से पूछ रहे हों कि मेरी गोद से मेरा बेटा क्यों छीन लिया।



सर्वाधिक पढ़ीं गईं