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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: एक दूजे के हुए प्रेमी युगल, थाने में पुलिस ने कराई शादी

आजमगढ़। प्रेमियों की जिद के आगे परिवार को झुकना पड़ा। मामला थाने पहुंचा तो पुलिस ने दोनों परिवारों को शादी के लिए राजी कर लिया। इसके बाद गंभीपुर पुलिस चौकी में स्थित मंदिर में दोनों की शादी करा दी गयी।   

 मामला गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बिसया गांव का है। उक्त गांव का रहने वाला सौरभ कुमार पुत्र विनोद व माला पुत्री चंद्रिका का 1 वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। धीरे-धीरे प्रेम परवान चढ़ने लगा और वे एक साथ जीने मरने की कसमें खाने लगे। परिवार के चोरी छिपे दोनों एक दूसरे से मिलते रहे। इसी बीच इसकी जानकारी माला के परिवार के लोगों को हो गयी। शुक्रवार की सुबह माला के परिजन गंभीरपुर पुलिस को सौरभ कुमार के खिलाफ तहरीर दी। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और दोनों पक्षों को थाने में बुला लिया। पुलिस ने प्रेमी युगल को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। दोनों साथ रहने की जिद पर अड़े रहे। दिन भर पंचायत चली लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। इसके बाद पुलिस ने दोनों के परिवार के लोगों को समझाकर शादी के लिए राजी कर लिया। फिर क्या था, देर शाम पुलिस चौकी परिसर में बने मंदिर में ईश्वर को साक्षी मानकर सौरभ व माला ने एक दूसरे को वरमाला पहनाई और सिंदूरदान हुआ। इसके बाद परिवार के लोगों ने उन्हें सुखमय जीवन का आर्शीवाद दिया।

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