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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव ने सौंपा ज्ञापन

आजमगढ़। सहारनपुर में मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश सचिव संदीप कपूर के नेतृत्व में एडीएम एफआर से मिला। राज्यपाल को संबोधित चार सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।

 प्रदेश सचिव संदीप कपूर ने कहा कि बीते 15 जून 2022 को सहारनपुर शहर कोतवाली में पुलिस द्वारा आठ मुस्लिम युवकों की बर्बर पिटायी का वीडियो वायरल हुआ था। कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने 17 जून को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन से मुलाक़ात कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाई की मांग की थी। वहीं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मदन बी लुकुर और उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह समेत कई ज़िम्मेदार लोगों ने इसे पुलिस की छवि बिगाड़ने वाली घटना बताया था। वहीं सहारनपुर एसएसपी आकाश तोमर और एसपी राजेश कुमार लगातार मामले को झुठलाते रहे थे। लेकिन जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि वीडियो सहारनपुर का ही है वहीं पुलिस ने पीड़ितों को झूठे मामलों में जेल भेज दिया था। 22 दिनों बाद 4 जुलाई को सभी लोगों को अदालत ने रिहा कर दिया। पुलिस की कार्यप्रणाली दुर्भाग्यपूर्ण हैं जिस पर हमें कड़ी आपत्ति हैं। जिलाध्यक्ष नदीम खान ने बताया कि चार सूत्री मांगो में सहारनपुर कोतवाली में पिटाई की घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर उचित धाराओं में जेल भेजा जाए वहीं अध्यक्ष शहर कांग्रेस कमेटी मोहम्मद नजम शमीम ने कहा कि ऐसे आपराधिक कृत्य को छुपाने अथवा नकारने का प्रयास कर दोषी पुलिसकर्मियों का बचाव करने व अपनी विभागीय ज़िम्मेदारी का निर्वहन न करने वाले एसएसपी आकाश तोमर और एसपी राजेश कुमार को तत्काल निलंबित किया जाए, पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए, पुलिस उत्पीड़न के शिकार सभी 8 निर्दोषों को 20-20 लाख रूपये बतौर मुआवजा दिए जाने की मांग शामिल है। ज्ञापन सौंपने के दौरान अख्तर रिजवान अहमद, शहर अध्यक्ष अल्पसंख्यक विभाग मिर्जा बरकतउल्लाह बेग, रियाजुल हसन, प्रदीप यादव, सुरेंद्र सिंह, डा आदित्य सिंह आदि मौजूद रहे।

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