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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव ने सौंपा ज्ञापन

आजमगढ़। सहारनपुर में मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश सचिव संदीप कपूर के नेतृत्व में एडीएम एफआर से मिला। राज्यपाल को संबोधित चार सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।

 प्रदेश सचिव संदीप कपूर ने कहा कि बीते 15 जून 2022 को सहारनपुर शहर कोतवाली में पुलिस द्वारा आठ मुस्लिम युवकों की बर्बर पिटायी का वीडियो वायरल हुआ था। कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने 17 जून को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन से मुलाक़ात कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाई की मांग की थी। वहीं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मदन बी लुकुर और उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह समेत कई ज़िम्मेदार लोगों ने इसे पुलिस की छवि बिगाड़ने वाली घटना बताया था। वहीं सहारनपुर एसएसपी आकाश तोमर और एसपी राजेश कुमार लगातार मामले को झुठलाते रहे थे। लेकिन जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि वीडियो सहारनपुर का ही है वहीं पुलिस ने पीड़ितों को झूठे मामलों में जेल भेज दिया था। 22 दिनों बाद 4 जुलाई को सभी लोगों को अदालत ने रिहा कर दिया। पुलिस की कार्यप्रणाली दुर्भाग्यपूर्ण हैं जिस पर हमें कड़ी आपत्ति हैं। जिलाध्यक्ष नदीम खान ने बताया कि चार सूत्री मांगो में सहारनपुर कोतवाली में पिटाई की घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर उचित धाराओं में जेल भेजा जाए वहीं अध्यक्ष शहर कांग्रेस कमेटी मोहम्मद नजम शमीम ने कहा कि ऐसे आपराधिक कृत्य को छुपाने अथवा नकारने का प्रयास कर दोषी पुलिसकर्मियों का बचाव करने व अपनी विभागीय ज़िम्मेदारी का निर्वहन न करने वाले एसएसपी आकाश तोमर और एसपी राजेश कुमार को तत्काल निलंबित किया जाए, पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए, पुलिस उत्पीड़न के शिकार सभी 8 निर्दोषों को 20-20 लाख रूपये बतौर मुआवजा दिए जाने की मांग शामिल है। ज्ञापन सौंपने के दौरान अख्तर रिजवान अहमद, शहर अध्यक्ष अल्पसंख्यक विभाग मिर्जा बरकतउल्लाह बेग, रियाजुल हसन, प्रदीप यादव, सुरेंद्र सिंह, डा आदित्य सिंह आदि मौजूद रहे।

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