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खास खबर

बारिश बनी जानलेवा: लालगंज में दीवार ढहने से एक की मौत

अहरौला में बारजा गिरा चार घायल, पवई में कच्चे मकान की दीवार गिरी आजमगढ़। जिले में लगातार हो रही बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। बृहस्पतिवार को अहरौला, लालगंज और पवई में बारिश के कारण तीन अलग-अलग हादसे हुए। इनमें लालगंज में कच्ची दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि अहरौला में मकान का बारजा गिरने से चार लोग घायल हो गए। पवई में कच्चे मकान की दीवार ढहने से बड़ा हादसा टल गया। अहरौला थाना क्षेत्र के पारा फुलवरिया बाजार में इकबाल पुत्र माजिज के दो मंजिला मकान का बारजा अचानक गिर पड़ा। नीचे संचालित जनरल स्टोर पर उस समय ग्राहक मौजूद थे। हादसे में एक ग्राहक और उसकी माता को हल्की चोटें आईं, जबकि इकबाल के साडू अकबर की पुत्रियां रेशमा समेत दो बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने मलबे में दबे घायलों को बाहर निकालकर निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। बारजा गिरने से जनरल स्टोर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दुकानदार को लगभग 50 हजार रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। उधर, लालगंज थाना क्षेत्र के बेरवा विशंभरपुर गांव में लगातार बारिश के कारण कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई...

Azamgarh: वनवसा और शारदा बैराज से छोड़ गए पानी से सरयू उफान पर


डिघिया नाले पर जलस्तर खतरा निशान से 79 सेमी दूर
बांका और बूढ़नपट्टी में प‌ुलिया डूबने से आवागमन में परेशानी

आजमगढ़। सगड़ी तहसील के उत्तरी हिस्से में बहने वाली सरयू नदी का जलस्तर शुक्रवार को भी उफान पर रहा। गुरुवार को 17 तो शुक्रवार को 12 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। डिघिया नाले के पास जलस्तर खतरा निशान से मात्र 79 सेमी दूर है। उर्दिहा व गांगेपुर परिसया के पास कटान जारी रही। बांका और बूढ़नपट्टी के बीच बनी पुलिया अभी भी डूबी होने से एक दर्जन गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। लखीमपुर के वनवसा और शारदा बैराज से अब तक लगभग छह लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर में उफान देखा जा रहा है। इससे तटवर्ती क्षेत्र के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। उर्दिहा में कृषि भूमि के साथ शवदाह स्थल का प्लेटफार्म दो दिन पहले ही धारा में विलीन हो चुका है। अब प्रतीक्षालय के नजदीक कटान तेज होने से उस पर भी खतरा बढ़ गया है। गांगेपुर मठिया रिंग बांध के पश्चिम गांगेपुर परसिया के पास भी कटाने की गति बढ़ी है। उधर, रिंग बांध को बचाने के लिए साल भर पहले शुरू हुआ तीन ठोकरों का निर्माण इस बार भी पूरा न होने से आसपास के ग्रामीण विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे हैं।

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