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खास खबर

24 घंटे की तलाश के बाद 10 वर्षीय वैभव का शव पड़ोसी के बेसमेंट से बरामद, हत्या का आरोप

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पड़ोसी हिरासत में पूछताछ में हत्या की बात कबूल, कस्बे में शोक और आक्रोश गोरखपुर। खजनी कस्बे में सर्राफा कारोबारी के 10 वर्षीय पौत्र वैभव वर्मा की अपहरण के बाद हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 24 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने पड़ोसी सर्वेश भट्ट को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी के बयान के आधार पर उसके घर के बेसमेंट से वैभव का शव बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर स्कूल से घर लौटने के बाद वैभव साइकिल लेकर खेलने निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। कुछ देर बाद उसकी साइकिल और एक चप्पल खेत के पास मिली, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में पांच टीमें गठित की गईं। डॉग स्क्वॉयड, फॉरेंसिक टीम और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। सीसीटीवी फुटेज में वैभव के पीछे पड़ोसी सर्वेश भट्ट जाता दिखाई दिया। इसी आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की और उसकी निशानदेही पर ...

Azamgarh: कोटेदार के खिलाफ शिकायत के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन

 

वर्तमान कोटेदार का कोटा निरस्त होने पर आंदोलन की चेतावनी

आजमगढ़। कोटेदार रमेश राजभर का कोटा निरस्त कराने के लिए जिला मुख्यालय पर की गई शिकायत के विरोध में शनिवार को बूढ़नपुर तहसील के पेड़रा के ग्रामीण प्रधान प्रतिनिधि बलराम यादव के नेतृत्व में तहसील पहुंचे। इस दौरान शिकायतकर्ता के विरोध में नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि रमेश राजभर का कोटा निरस्त हुआ तो ग्रामीण वृहद आंदोलन को बाध्य होंगे। प्रधान प्रतिनिधि बलराम यादव ने बताया कि ग्राम सभा में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पहले लाल बिहारी यादव के पास थी। लेकिन ग्रामसभा के लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने और अंगूठा लगवाने के बाद भी राशन न देने आदि का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने तत्कालीन जिलाधिकारी नागेंद्र प्रताप सिंह से शिकायत की थी। जिस पर तत्काल प्रभाव से लाल बिहारी यादव का कोटा निलंबित कर दिया। बाद में मामले की जांच तहसीलदार बूढ़नपुर को सौंपी गई। जांच में मामला सही मिला। जिसके बाद सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान रमेश राजभर को सौंपी गई। ग्रामीणों का कहना है सस्ते गल्ले की दुकान रमेश राजभर के पास ही रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि कोटा लाल बिहारी यादव को मिला तो तहसील और कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे। प्रदर्शन में शिवकुमार राजभर, चंद्रदेव राजभर, रमेश राजभर आदि ग्रामीण शामिल थे। 

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