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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: कोटेदार के खिलाफ शिकायत के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन

 

वर्तमान कोटेदार का कोटा निरस्त होने पर आंदोलन की चेतावनी

आजमगढ़। कोटेदार रमेश राजभर का कोटा निरस्त कराने के लिए जिला मुख्यालय पर की गई शिकायत के विरोध में शनिवार को बूढ़नपुर तहसील के पेड़रा के ग्रामीण प्रधान प्रतिनिधि बलराम यादव के नेतृत्व में तहसील पहुंचे। इस दौरान शिकायतकर्ता के विरोध में नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि रमेश राजभर का कोटा निरस्त हुआ तो ग्रामीण वृहद आंदोलन को बाध्य होंगे। प्रधान प्रतिनिधि बलराम यादव ने बताया कि ग्राम सभा में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पहले लाल बिहारी यादव के पास थी। लेकिन ग्रामसभा के लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने और अंगूठा लगवाने के बाद भी राशन न देने आदि का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने तत्कालीन जिलाधिकारी नागेंद्र प्रताप सिंह से शिकायत की थी। जिस पर तत्काल प्रभाव से लाल बिहारी यादव का कोटा निलंबित कर दिया। बाद में मामले की जांच तहसीलदार बूढ़नपुर को सौंपी गई। जांच में मामला सही मिला। जिसके बाद सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान रमेश राजभर को सौंपी गई। ग्रामीणों का कहना है सस्ते गल्ले की दुकान रमेश राजभर के पास ही रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि कोटा लाल बिहारी यादव को मिला तो तहसील और कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे। प्रदर्शन में शिवकुमार राजभर, चंद्रदेव राजभर, रमेश राजभर आदि ग्रामीण शामिल थे। 

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