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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: धान की रोपाई के दौरान आकाशीय बिजली से एक दर्जन घायल


सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया भर्ती

बरदह। दीदारगंज थाना के बेला इमादपुर गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्जन मजदूर झुलस गए। घटना के समय सभी मजदूर खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। बारिश होने पर सभी एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए, तभी यह हादसा हुआ। घायल सभी मजदूरों का पीएचसी मार्टीनगंज में इलाज के लिए भेजा गया। दीदारगंज थाना क्षेत्र के बेला इमादपुर गांव निवासी एक व्यक्ति के खेत में शनिवार सुबह धान की रोपाई हो रही थी। 13 मजदूर धान की रोपाई में लगे हुए थे। साढ़े नौ बजे के आसपास अचानक बरसात शुरू हो गई। जिस पर सभी मजदूर खेत से बाहर निकल कर एक के पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। इसी दौरान बिजली पेड़ पर गिरी और नीचे खड़े सभी मजदूर चपेट में आकर झुलस गए। एक साथ 13 लोगों के बिजली से झुलसने की जानकारी होते ही गांव में हड़कंप मच गया। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। आनन-फानन सभी को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मार्टीनगंज ले जाया गया। एक साथ दर्जन भर से अधिक लोगों को इलाज के लिए पहुंचने पर अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था भी चरमरा गई। बेड की कमी के बीच किसी तरह सभी को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। फिलहाल सभी झुलसे लोगों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। झुलसे लोगों में करिश्मा (22), सुशीला (30), रेशमा (18), सुशील (35), इंद्रजीत (50), मूलादेवी (34), चंद्र (18), सरिता (45), शारदा (35), चंद्रकला (36), प्यारी (40) समेत तीन अन्य शामिल हैं।

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