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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: हत्यारोपी को कोर्ट ने आजीवन कारवास की सजा,50 हजार का जुर्माना

आठ नवंबर 2017 में चाकू से गला रेत हुई थी संतराम की हत्या

आजमगढ़। कोर्ट ने हत्या के मामले में हत्यारोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 3 ओम प्रकाश वर्मा तृतीय ने शनिवार को सुनाया।

अंबेडकर नगर जनपद के सम्मनपुर थाना क्षेत्र के बरौली गांव निवासी संतराम सिधारी थाना क्षेत्र के बेलईसा में एक कोल्ड स्टोरेज पर पल्लेदारी का काम करता था। रुपए मांगने की विवाद में सुखराम पुत्र बंसी हरिजन निवासी चकिया चकोदरपुर थाना सम्मनपुर जिला अंबेडकरनगर ने 8 नवंबर 2017 को चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी। इस मामले में मृतक संतराम के भाई रमाशंकर ने सुखराम के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद सुखराम के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया था। मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता दीपक मिश्रा ने कुल 10 गवाहों को न्यायालय में पेश किया था। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी सुखराम को आजीवन कारावास के साथ ही 50 हजार रूपए जुर्माने की सजा भी सुनाई है।


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