सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

24 घंटे की तलाश के बाद 10 वर्षीय वैभव का शव पड़ोसी के बेसमेंट से बरामद, हत्या का आरोप

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पड़ोसी हिरासत में पूछताछ में हत्या की बात कबूल, कस्बे में शोक और आक्रोश गोरखपुर। खजनी कस्बे में सर्राफा कारोबारी के 10 वर्षीय पौत्र वैभव वर्मा की अपहरण के बाद हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 24 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने पड़ोसी सर्वेश भट्ट को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी के बयान के आधार पर उसके घर के बेसमेंट से वैभव का शव बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर स्कूल से घर लौटने के बाद वैभव साइकिल लेकर खेलने निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। कुछ देर बाद उसकी साइकिल और एक चप्पल खेत के पास मिली, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में पांच टीमें गठित की गईं। डॉग स्क्वॉयड, फॉरेंसिक टीम और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। सीसीटीवी फुटेज में वैभव के पीछे पड़ोसी सर्वेश भट्ट जाता दिखाई दिया। इसी आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की और उसकी निशानदेही पर ...

Azamgarh: हत्यारोपी को कोर्ट ने आजीवन कारवास की सजा,50 हजार का जुर्माना

आठ नवंबर 2017 में चाकू से गला रेत हुई थी संतराम की हत्या

आजमगढ़। कोर्ट ने हत्या के मामले में हत्यारोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 3 ओम प्रकाश वर्मा तृतीय ने शनिवार को सुनाया।

अंबेडकर नगर जनपद के सम्मनपुर थाना क्षेत्र के बरौली गांव निवासी संतराम सिधारी थाना क्षेत्र के बेलईसा में एक कोल्ड स्टोरेज पर पल्लेदारी का काम करता था। रुपए मांगने की विवाद में सुखराम पुत्र बंसी हरिजन निवासी चकिया चकोदरपुर थाना सम्मनपुर जिला अंबेडकरनगर ने 8 नवंबर 2017 को चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी। इस मामले में मृतक संतराम के भाई रमाशंकर ने सुखराम के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद सुखराम के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया था। मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता दीपक मिश्रा ने कुल 10 गवाहों को न्यायालय में पेश किया था। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी सुखराम को आजीवन कारावास के साथ ही 50 हजार रूपए जुर्माने की सजा भी सुनाई है।


सर्वाधिक पढ़ीं गईं