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खास खबर

खेत में दौड़ता करंट बना काल, सरिता की मौत

धान की निराई करते समय विद्युत तार की चपेट में आईं महिला बरदह। थाना क्षेत्र के अहिरौली छतरपुर गांव के घाटमपुर पुरवा में रविवार को खेत में धान की फसल की निराई कर रही 52 वर्षीय महिला विद्युत करंट की चपेट में आ गई। गंभीर रूप से झुलसने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव निवासी सरिता देवी (52) पत्नी अवधनारायण रविवार को दिन में घर से करीब चार मीटर दूर स्थित खेत में धान की फसल की निराई कर रही थीं। इसी दौरान खेत से होकर गुजर रहे विद्युत तार के संपर्क में आने से वह करंट की चपेट में आ गईं। हादसे में गंभीर रूप से झुलसकर वह खेत में ही गिर पड़ीं और उनकी मौत हो गई। बताया गया कि उनके जेठ शहाबुद्दीन राजभर खेत से होकर घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने सरिता देवी को खेत में पड़ा देखा। उन्होंने तत्काल ग्रामीणों और परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीणों ने बरदह थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद मृतका के परिवार में मातम पसरा हुआ है।...

यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिका में दिखा पुष्पा स्टाइल: लिखा..‘बहुत हो गया...अब लिखेगा नहीं’, छात्रा ने लिखा फेल हुई तो शादी नहीं होगी


पूर्वांचल डेस्क। फिल्म पुष्पा में अभिनेता अल्लू अर्जुन का डायलॉग ‘पुष्पा झुकेगा नहीं’ इन दिनों खूब चर्चा में है। इस डायलॉग का असर यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिका में भी दिखाई दिया। छात्र ने कॉपी के अंत में लिखा ‘बहुत हो गया...अब लिखेगा नहीं’। छात्र ने कॉपी पर पुष्पा स्टाइल में गर्दन के पास हाथ का चित्र भी बनाया। उसकी कॉपी देखकर परीक्षकों में इसकी चर्चा है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित हाईस्कूल व इंटरमीडियट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य इन दिनों चल रहा है। जीआईसी, इस्लामिया कॉलेज, देवी प्रसाद कॉलेज समेत छह केंद्रों पर मूल्यांकन का कार्य हो रहा। मूल्यांकन के दौरान कॉपियों पर छात्र-छात्राओं का स्टाइल और भावुक अंदाज भी सामने आया। मूल्यांकन में सबसे ज्यादा पुष्पा स्टाइल परीक्षकों में छाया है। छात्र ने परीक्षक से पास करने के लिए अनुनय-विनय किया है। उसने कापी के अंत में लिखा, ‘बहुत हो गया...अब लिखेगा नहीं’। हालांकि परीक्षक ने हल किए हुए सवालों के नंबर ही दिए।

भावुक अपील भी कर रहे छात्र

मूल्यांकन के दौरान छात्रों के तमाम तरह की भावुक अपील भी परीक्षकों को पढ़ने के लिए मिल रही हैं। कुछ को पढ़कर वे ठहाके लगाते हैं। वहीं दूसरी तरफ कापियों के मूल्यांकन में पहले की तरह नोटों का निकलने का क्रेज कम हो गया है। 
 

सर, आपके बेटे की तरह हैं पास कर दीजिएगा

छात्र ने कॉपी पर लिखा, सर...कोरोना के कारण पढ़ाई बिल्कुल नहीं हो पाई। हम काफी गरीब हैं। पापा के साथ दुकान पर काम करने में समय निकल गया। हम आपके बेटे की तरह हैं तो सर, प्लीज पास कर दीजिएगा।

ट्यूशन पढ़ने के लिए पैसे नहीं थे सर

एक कॉपी पर छात्र ने ट्यूशन न पढ़ने के कारण अच्छा पेपर न होने का हवाला दिया। उसने लिखा कि सर, मजदूरी कर अपनी पढ़ाई कर रहा हूं। ट्यूशन पढ़ने के लिए रुपये नहीं थे। इसलिए, शायद पास होने भर के अंक न आ पाएं। मेरे भविष्य का ध्यान रखते हुए अच्छे अंक दीजिएगा। 

फेल हुई तो शादी नहीं होगी

एक छात्रा ने कॉपी पर लिखा कि पिता जी बीमार रहते हैं। उन्हें मेरी शादी की चिंता सता रही है। वर्तमान समय में हर व्यक्ति पढ़ी-लिखी पत्नी चाहता है। फेल हो गई तो शादी नहीं हो पाएगी।

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