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खास खबर

बाजबहादुर में पैतृक मकान विवाद में दो पक्ष आमने-सामने, दोनों ने दर्ज कराया मुकदमा

मरम्मत और निर्माण कार्य को लेकर हुआ विवाद, पुलिस ने शुरू की जांच आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के बाजबहादुर मोहल्ले में पैतृक मकान और निर्माण कार्य को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पहले पक्ष के मो. अनस पुत्र अब्दुल कुद्दूस ने आरोप लगाया कि 28 जुलाई को वह अपने पैतृक मकान की मरम्मत करा रहे थे। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर विपक्षी पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए निर्माण कार्य रुकवाने लगे। विरोध करने पर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया, जिससे वह और बीच-बचाव करने आए उनके परिजन घायल हो गए। आरोप है कि जाते समय विपक्षियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं दूसरे पक्ष के मो. आमिर पुत्र अब्दुल सलाम ने अपनी तहरीर में कहा कि पैतृक मकान का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष जबरन निर्माण कार्य करा रहा था। रोकने पर पहले से टांगी, लोहे की रॉड और ल...

यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिका में दिखा पुष्पा स्टाइल: लिखा..‘बहुत हो गया...अब लिखेगा नहीं’, छात्रा ने लिखा फेल हुई तो शादी नहीं होगी


पूर्वांचल डेस्क। फिल्म पुष्पा में अभिनेता अल्लू अर्जुन का डायलॉग ‘पुष्पा झुकेगा नहीं’ इन दिनों खूब चर्चा में है। इस डायलॉग का असर यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिका में भी दिखाई दिया। छात्र ने कॉपी के अंत में लिखा ‘बहुत हो गया...अब लिखेगा नहीं’। छात्र ने कॉपी पर पुष्पा स्टाइल में गर्दन के पास हाथ का चित्र भी बनाया। उसकी कॉपी देखकर परीक्षकों में इसकी चर्चा है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित हाईस्कूल व इंटरमीडियट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य इन दिनों चल रहा है। जीआईसी, इस्लामिया कॉलेज, देवी प्रसाद कॉलेज समेत छह केंद्रों पर मूल्यांकन का कार्य हो रहा। मूल्यांकन के दौरान कॉपियों पर छात्र-छात्राओं का स्टाइल और भावुक अंदाज भी सामने आया। मूल्यांकन में सबसे ज्यादा पुष्पा स्टाइल परीक्षकों में छाया है। छात्र ने परीक्षक से पास करने के लिए अनुनय-विनय किया है। उसने कापी के अंत में लिखा, ‘बहुत हो गया...अब लिखेगा नहीं’। हालांकि परीक्षक ने हल किए हुए सवालों के नंबर ही दिए।

भावुक अपील भी कर रहे छात्र

मूल्यांकन के दौरान छात्रों के तमाम तरह की भावुक अपील भी परीक्षकों को पढ़ने के लिए मिल रही हैं। कुछ को पढ़कर वे ठहाके लगाते हैं। वहीं दूसरी तरफ कापियों के मूल्यांकन में पहले की तरह नोटों का निकलने का क्रेज कम हो गया है। 
 

सर, आपके बेटे की तरह हैं पास कर दीजिएगा

छात्र ने कॉपी पर लिखा, सर...कोरोना के कारण पढ़ाई बिल्कुल नहीं हो पाई। हम काफी गरीब हैं। पापा के साथ दुकान पर काम करने में समय निकल गया। हम आपके बेटे की तरह हैं तो सर, प्लीज पास कर दीजिएगा।

ट्यूशन पढ़ने के लिए पैसे नहीं थे सर

एक कॉपी पर छात्र ने ट्यूशन न पढ़ने के कारण अच्छा पेपर न होने का हवाला दिया। उसने लिखा कि सर, मजदूरी कर अपनी पढ़ाई कर रहा हूं। ट्यूशन पढ़ने के लिए रुपये नहीं थे। इसलिए, शायद पास होने भर के अंक न आ पाएं। मेरे भविष्य का ध्यान रखते हुए अच्छे अंक दीजिएगा। 

फेल हुई तो शादी नहीं होगी

एक छात्रा ने कॉपी पर लिखा कि पिता जी बीमार रहते हैं। उन्हें मेरी शादी की चिंता सता रही है। वर्तमान समय में हर व्यक्ति पढ़ी-लिखी पत्नी चाहता है। फेल हो गई तो शादी नहीं हो पाएगी।

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