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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: लंगूर पकड़ने के दौरान छोड़े गए पटाखे से बालक की मौत, गांव में सनसनी

 

आजमगढ़। वन विभाग की टीम ने उसे बाहर निकाले के लिए पटाखा फोड़ा जो पास मौजूद कक्षा पांच के छात्र शोएब अख्तर के सिर पर लगा और वह चोटिल होकर गिर गया। परिजन उसे सीएचसी कोल्हूखोर ले गए जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। 

 जहानागंज ब्लाक के बरहतिर जगदीशपुर गांव में लंगूर पकड़ने के लिए वन विभाग के लोगों ने पटाखा फोड़ा तो एक बालक की जान पर भारी पड़ गया। पटाखा उसके सिर पर लगा और घायल हो गया। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। बालक की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।जहानागंज व आसपास के गांवों में दो दिन पहले पहुंचा बंदर एक दर्जन लोगों को काटकर जख्मी कर दिया था। इसकी जानकारी के बाद क्षेत्रीय वन अधिकारी चंद्रभूषण तिवारी के नेतृत्व में टीम बंदर को पकड़ने के लिए पहुंची थी। जिस कमरे में बंदर छिपा था उससे बाहर निकालने के लिए विभाग के लोग पटाखा फोड़ रहे थे।आसपास लोग वन विभाग की कार्रवाई देखने के लिए जुटे थे। गांव का कक्षा पांच का छात्र सोएब अख्तर भी अपने दरवाजे पर खड़ा था। उसी बीच पटाखा उसके सिर पर लगा तो खून बहने लगा। परिवार लोग उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोल्हूखोर ले गए, जहां से हालत गंभीर देख डाक्टर ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। आनन-फानन उसे लेकर लोग जिला मुख्यालय आ रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई।उसके पिता कमाल अख्तर ने बताया कि दो दिनों से बंदर के आतंक से सभी परेशान हैं इसलिए पूरा इलाका वन विभाग की कार्रवाई देखने के लिए जुटा था। बेटा भी अपने दरवाजे पर यह सब देखने के लिए खड़ा था, लेकिन किसी को क्या पता कि ऐसा करना उसकी मौत का कारण बन जाएगा। उधर, बालक की मौत की जानकारी गांव पहुंची तो पूरा गांव शोक में डूब गया।


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