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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: साइकिल सवार को बचाने में स्कूटी पलटी, पिता की मौत

 

पुत्र का मेडिकल कालेज में चल रहा उपचार

पिता की मौत से परिवार में कोहराम

जहानागंज। थाना क्षेत्र के सुंभी बाजार में अचानक सामने आए साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में स्कूटी अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में स्कूटी पर सवार पिता-पुत्र घायल हो गए। घायलों को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। जहां डाक्टरों ने पिता को मृत घोषित कर दिया। पुत्र का इलाज चल रहा है।

 जहानागंज थाना क्षेत्र के नरेहथा गांव निवासी रामशब्द चौहान (58) रविवार को अपने छोटे पुत्र उत्कर्ष चौहान (22) की स्कूटी पर सवार होकर उसे दवा दिलाने जिला मुख्यालय जा रहे थे। अभी स्कूटी सवार पिता-पुत्र सुम्भी बाजार में ही पहुंचे थे कि स्कूटी के सामने अचानक साइकिल सवार आ गया। जिसे बचाने के चक्कर में स्कूटी अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में पिता-पुत्र घायल हो गए। रामशब्द चौहान के सिर में गंभीर चोट आयी थी। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तत्काल इलाज के लिए मेडिकल कालेज भेजा गया। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने रामशब्द को मृत घोषित कर दिया। वहीं पुत्र उत्कर्ष का वहीं इलाज हुआ। उसे मामूली चोट आयी थी। मरहमपट्टी के बाद उसे भी छोड़ दिया गया। घटना की सूचना घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन मेडिकल कालेज पहुंचे और शव को लेकर घर चले आए। इसके बाद सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रामशब्द चौहान राजगीर का काम करते थे। वे दो पुत्र व तीन पुत्रियों के पिता थे।


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