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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh:स्कंद माता की हुई पूजा, जयकारे से गूंजे देवी मंदिर

चैत्र नवरात्र का पांचवां दिन

आजमगढ़। चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन बुधवार को मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा घरों और मंदिरों में की गई। इस दौरान ‘या देवी सर्वभूतेषु मातृ रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:’ के मंत्रोच्चारण से मंदिर गूंजते रहे।
 देवी भगवती का पांचवां स्वरूप नारी शक्ति और मातृ शक्ति का सजीव चरित्र है। स्कंद कुमार की माता होने के कारण इनका नाम स्कंदमाता पड़ा। वह गणेश जी की भी माता हैैं। गणेश जी मानस पुत्र हैं और कार्तिकेय जी गर्भ से उत्पन्न। तारकासुर को वरदान था कि वह शंकर जी के शुक्र से उत्पन्न पुत्र द्वारा ही मृत्यु को प्राप्त हो सकता है। इसी कारण देवी पार्वती का शंकर जी से मंगल परिणय हुआ। इससे कार्तिकेय पैदा हुए और तारकासुर का वध हुआ। शंकर-पार्वती के मांगलिक मिलन को सनातन संस्कृति में विवाह परंपरा का प्रारंभ माना गया। कन्यादान, गर्भधारण इन सभी की उत्पत्ति शिव और पार्वती के प्रसंगोपरांत हुई। उधर, चौक स्थित दक्षिणमुखी देवी का दृश्य ही कुछ अलग रहा है। भोर में प्रतिदिन मां का भव्य श्रृंगार किया जा रहा है। बुधवार को दिनभर मां के दर्शन को भक्तों का तांता लगा रहा। बड़ादेव, रैदोपुर दुर्गा मंदिर पर भी पूजन अर्चन करने वाले श्रद्धालुओं का रेला लगा हुआ है। वहीं कोलघाट स्तित श्रीरामजानकी काली मंदिर में वासंतिक नवरात्र पर मां दुर्गा, काली, लक्ष्मी, सरस्वती जी सहित अन्य देवी-देवताओं के पूजन-अर्चन का क्रम जारी है। धूप-अगियारी व घंंटा-घडिय़ाल की गूंज से पूरा माहौल ही भक्तिमय हो गया है। इसी क्रम में रानी की सराय के रानी पोखरा‌ स्थित द‌ुर्गा जी मंदिर, अवंतिकापुरी स्थित मां दुर्गा म‌ंदिर, में मत्था टेकने के लिए भक्तों की कतार लगी रही। मंदिरों में भोर से शुरु हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। उधर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देवी मंदिरों पर मां के भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिरों में घंटा-घडिय़ाल की आवाज से क्षेत्र मां मय हो गया है। निजामाबाद में मां शीतला धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। मां के जायकारे और घंटे घडिय़ाल की आवाज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। ठेकमा ब्लाक क्षेत्र में मां दुर्गा के दर्शन-पूजन को देवी मंदिरों में सुबह से ही पूजन-अर्चन के लिए भक्तों की लंबी लाइन लग रही है। भक्त मां को नारियल-चुनरी चढ़ाकर मन्नतें मांगी। मार्टिनगंज क्षेत्र स्थित अठरही माता के मंदिर में भी दर्शन-पूजन को श्रद्धालुओं का तांता लग रहा है। मंदिरों केआस-पास मेले जैसा दृश्य दिखाई दे रहा था।

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