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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh:पुलिस पर वीर कुंवर ‌सिंह के वंशज की पीट-पीटकर हत्या के विरोध में प्रदर्शन

महाराणा प्रताप सेना, विहिप और बजरंग दल ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
घटना की निष्पक्ष जांच करने की मांग
आजमगढ़। 1857 के स्वतंत्रता सेनानी वीर कुॅवर सिंह के वंशज को पुलिस द्वारा पीट-पीट कर हत्या किए जाने की घटना से आक्रोशित महाराणा प्रताप सेना के नेतृत्व में विश्व हिन्दू परिषद् व बजरंग दल द्वारा राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया। इस दौरान घटना की निंदा करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के साथ ही स्वतत्रंता संग्राम सेनानी परिवारों के हित में बेहतर कदम उठाए जाने की मांग की गई।
  सेना प्रमुख विजेंद्र सिंह ने कहा कि बिहार प्रांत के आरा जिला के दल्लीपुर, जगदीशपुर स्थित स्वतंत्रता सेनानी बाबू वीर कुॅवर सिंह के किले में सुरक्षा में तैनात सीसीआईटी जवानों द्वारा उन्हीं के वंशज पपौत्र रोहित सिंह उर्फ बबलू सिंह की बर्बरता पूर्वक पीट-पीटकर हत्या कर दिया गया, यह घटना बर्दाश्त से बाहर है। उक्त घटना की निष्पक्ष जांच कराकर सुरक्षा के नाम पर तैनात भक्षक आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए अगर ऐसा नहीं किया गया तो महाराणा प्रताप सेना सहित कई संगठन न्याय के लिए जगदीशपुर रवाना होंगे और आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। विश्व हिन्दू परिषद के दीनानाथ सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजनों के साथ ऐसी घटना घटित होना व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है। श्री सिंह ने सवाल किया कि ऐसा बर्ताव करने का अधिकार इन्हें किसने दिया? आज भी शहीद चन्द्रशेखर आजाद की माँ को जीविकोपोर्जन हेतु भिक्षा मांगना पड़ा, वहीं शहीद भगत सिंह के सहयोगी क्रान्तिकारी को दवा कराने का पैसा एवं बस चलाने तक की अनुमति में नहीं मिल सकी। शहीद ठाकुर रोशन सिंह की बहू दूसरे के यहां झाड़ू-पोछा करने को बाध्य है, पं रामप्रसाद बिस्मिल का परिवार दुर्दिन और गुमनामी झेल रहा है। परमवीर चक्र विजेता यदुनाथ सिंह का परिवार जीविकोपार्जन हेतु जूझ रहा है। ऐसे दर्जनों स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के परिवारों की दुर्दशा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर अनिल सिंह, गौरव रघुवंशी, सुरेश सिंह, पवन नाथ चौहान, जय सिंह, अमित गुप्ता, शशांक तिवारी, अमलेश सिंह, दिनेश खंडेलिया, शिवम सिंह, आकाश जायसवाल, सुरेन्द्र यादव, उत्कर्ष सिंह, महेन्द्र प्रताप सिंह, जवाहर लाल सहित भारी संख्या में कई संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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