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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh : दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल की सजा

50 हजार अर्थदंड भी लगाया

आजमगढ़। मंद बुद्घि युवती के साथ दुष्कर्म किए जाने के आरोपी को अदालत ने दोषी पाते हुए 10 वर्ष की कठोर करावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रूपए का अर्थदंड भी लगाया। प्राप्त धनराशि का आधा हिस्सा पीड़िता को दिया जाएगा। मंगलवार को यह फैसला विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट शिवचंद की अदालत ने सुनाई।

मुकदमें के अनुसार रौनापार थानाक्षेत्र की रहने वाली मंद बुद्घि पीड़िता की मां ने महराजगंज थाना के देवारा हरखपुरा( कटान) गांव निवासी रामदास यादव पुत्र राजदेव यादव के विरूद्घ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमें में आरोप है कि पीड़िता अपने घर से निकल गई थी। 15 जुलाई 2017 का यह जानकारी मिली कि आरोपी ‌पीड़िता को अपने घर में रखा था और उसके मर्जी के विरूद्घ दुष्कर्म किया। इस मामले में संबंधित थाना पुलिस आरोपी के विरूद्घ दुष्कर्म समेत एससीएसटी का मुकदमा दर्ज किया। जांचोंपरांत आरोपी के विरूद्घ पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में प्रेसित किया। मुकदमें के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमें की पैरवी कर रहे एडीजीसी इंद्रेशमणि त्रिपाठी, आलोक त्रिपाठी व अभियोजन अधिकारी मानिकचंद यादव ने इस मुकदमें के वादी समेत कुल 8 गवाहों को पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद आरोपी को दुष्कर्म का दोषी पाया और उक्त सजा का निर्धारण किया।

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